डेंगू बुखार से छ: ने जान गवाई: 15 लोग अस्पतालों में भर्ती*
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*डेंगू बुखार के चलते खौफ में जी रहे हैं लोग: स्वास्थ्य विभाग सो रहा है कुंभकरण की नींद*
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*सहारनपुर*। जनपद में डेंगू बुखार ने अब तक न जाने कितनी जिंदगियों को लील लिया है। डेंगू बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। घाड़ क्षेत्र में डेंगू अपना कुछ ज्यादा ही असर दिखा रहा है जिसके चलते बेहट क्षेत्र के बूबका गांव में पिछले 5 दिनों में 6 लोग डेंगू का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं और 15 से अधिक मरीज हस्पतालों में मौत और जिंदगी के बीच झूल रहे हैं। सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ सेवाएं बद से बदतर हो चुकी हैं डेंगू के शिकार लोगों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। प्राइवेट हॉस्पिटल्स में डेंगू का इलाज करा रहे हैं मरीज़ों की क्या तादाद है इसकी किसी को भी जानकारी नहीं है। ग्राम बुबका की स्थिति यह है कि गांव वासी एक शव का अंतिम संस्कार करके लौटते हैं तो दूसरी अर्थी तैयार होती है इससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। हर गली हर मोहल्ले से रोने की आवाजें आ रही है। ग्राम वासियों का कहना है स्वास्थ विभाग अंधा-गूंगा बहरा हो चुका है इलाज के नाम पर केवल खानापूर्ति करके मरीजों को मौत के घाट उतारा जा रहा है। ग्राम वासियों ने ग्राम प्रधान व सचिव पर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव को यदि गांव की गंदगी आदि समस्याओं के बारे में कभी बताया जाता है तो वह सामने से अभद्रता पर उतर आते हैं सचिव को कल जब हमने गांव में चारों तरफ फैली हुई गंदगी वह डेंगू से हो रही मौतों के बारे में बताया तो गाली गलौच पर उतर आए।
ग्राम वासियों ने बताया गांव में 5 दिनों के अंदर सीमा पत्नी संजीव सैनी 27, सरोज पत्नी प्रकाश प्रजापति 60, नकली पुत्र कालूराम 55, वर्षा पत्नी विपिन शर्मा 35, शकुंतला पत्नी शीशपाल सैनी 52, बुखार का शिकार होकर मौत के मुंह में समा चुके हैं। ग्राम वासियों ने बताया गांव के 15 से अधिक लोग आसपास के अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे विधायक नरेश सैनी के सामने भी लोगों ने अस्पतालों में मरीजों का ठीक से इलाज पेयजल व साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराए जाने की मांग की है।
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