विनय शर्मा की दया याचिका को गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास भेजा

2012 के निर्भया कांड के दोषी विनय शर्मा की दया याचिका को गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास भेजा। 



 2012 में हुए वंसत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में फांसी की सजा पाये दोषी विनय शर्मा की दया याचिका की फाइल को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेज दी है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से विनय की दया याचिका को खारिज करने की सिफारिश की है। 


इससे पहले दिल्ली सरकार के गृह मंत्रालय ने विनय शर्मा की दया याचिका को खारिज करने की सिफारिश उपराज्यपाल अनिल बैजल से की थी। उपराज्यपाल ने भी विनय की दया याचिका को खारिज कर दी थी। इसके बाद इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा गया था। अब राष्ट्रपति को इस मामले में आखिरी फैसला लेना है।


दया याचिका खारिज करने की जानकारी सीएम ने विधानसभा में दी थी


अभी हाल में ही दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि पांच नवंबर को निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के एक दोषी ने दया याचिका दिल्ली सरकार के पास दी थी। विनय शर्मा की फाइल को दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल (एलजी)  के पास भेजा था। एलजी की तरफ से विनय की दया याचिका खारिज करने के बाद केजरीवाल ने कहा था कि अब आखिरी फैसला राष्ट्रपति को लेना है। 


महिला आयोग ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र


वहीं अभी हाल में ही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर विनय शर्मा की दया याचिका को खारिज करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसलिए दोषी को फांसी पर लटकाया जाना चाहिए। 


निर्भया की मां ने कहा दोषियों को जल्द मिले फांसी


दोषी विनय शर्मा की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश का निर्भया की मां ने स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बेटी के गुनहगारों को जल्द से जल्द फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। बता दें कि निर्भया की मां ने दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से गुहार भी लगाई है। कोर्ट ने कहा था कि जब तक दोषी सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं कर लेते तब तक उन्हें फांसी देना संभव नहीं है। कोर्ट ने बचाव पक्ष को नोटिस देकर फांसी की सजा को लेकर किए जा रहे कानूनी कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।


क्या है पूरा मामला


फिजियोथेरिपिस्ट की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ 16 दिसंबर 2012 की रात में दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसके अलावा छात्रा के दोस्त की जमकर पिटाई भी की थी। गंभीर रूप से घायल पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। एक आरोपित ने तिहाड़ जेल में कथित तौर पर खुदकुशी कर दी थी जबकि एक अन्य नाबालिग को तीन साल के लिए बाल सुधार गृह में भेजने की सुजा सुनाई गई थी। जबकि अन्य चार दोषियों मुकेश, विनय, पवन और अक्षय को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी।